फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुॅचने पर दवा अवश्य खिलाएं -डी एम बस्ती प्रियंका निरंजन ने किया अपील

बस्ती - जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने सभी से अपील किया है कि फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुॅचने पर दवा अवश्य खायें। उन्होने कहा कि कोई भी लाभार्थी दवा से छूटना नही चाहिए, क्योकि इस बीमारी का कोई इलाज नही है। उन्होने बताया कि आगामी 10 अगस्त से 28 अगस्त तक 10 कार्यदिवस में अभियान चलाया जायेंगा, जिसके अन्तर्गत टीमे घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी। इसके अलावा जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी, हेल्थ एण्ड वेलनेस सेण्टर पर भी दवा उपलब्ध रहेंगी, जहॉ व्यक्ति जाकर दवा खा सकता है। ये दवाए निःशुल्क खिलायी जायेगी। उन्होने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 51 जनपद फाइलेरिया से प्रभावित है। फाइलेरिया एक परजीवी जन्य संक्रामक बीमारी है, जो धागे जैसे कृमियों से होती है। फालेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। संक्रमित मच्छर के काटने के 10-15 वर्षो के पश्चात यह हाथ, पैर, स्तन या अंडकोश के सूजन (हाइड्रोसील) पेशाब में सफेद रंग के द्रव का स्त्राव (काइल्यूरिया) लम्बे समय से सूखी खांसी आना (ट्रोपिकल स्नोफीलिया) आदि के रूप में दिखाई देता है। फाइलेरिया रोग (हाथीपांव) एक लाइलाज बीमारी है। इस बीमारी से बचाव के लिए फाइलेरिया रोधी औषधि का सेवन ही एकमात्र उपाय है। उन्होने बताया कि 2 से 5 वर्ष आयु के बच्चों को डीईसी तथा एल्वेण्डाजाल की एक-एक टेबलेट खिलायी जायेंगी। 05 से 15 वर्ष आयु के लोगों को डीईसी की 2 तथा एल्वेण्डाजाल की 1 टेबलेट खिलायी जायेंगी। 15 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति को डीईसी की 3 तथा एल्वेण्डाजाल की 1 टेबलेट खिलायी जायेंगी। 01 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गम्भीर रूप से बीमार व्यक्तियों एवं गर्भवती माताओं को यह दवा नही खिलायी जायेंगी। उन्होेने बताया कि टीम 11.00 बजे से घर-घर जायेंगी तथा अपने सामने दवा खिलायेंगी। खाली पेट दवा नही खाना है। परिवार के बचें हुए सदस्यों के लिए दवा का वितरण नही किया जायेंगा। दुबारा भ्रमण करके बचे हुए लाभार्थी को दवा खिलाया जायेंगा। छूटे हुए व्यक्ति स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर दवा खा सकेंगें। उन्होने बताया कि प्रत्येक टीम को परिवार पंजिका उपलब्ध करायी जायेंगी, जिससे घर-घर होने वाला सर्वे का कार्य एवं लिम्पोडीमा एवं हाइड्रोसील के रोगियों की लाइन की सूची तैयार की जा सकें। उन्होने बताया कि प्रत्येक ग्राम प्रधान इस कार्यक्रम का उद्घाटन सभी के सामने स्वयं दवा खाकर करेंगे। अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जायेंगा। ग्रामवासियों की खुली बैठक करके डुगडुगी पिटवाकर तथा दीवार लेखन कराकर प्रचार-प्रसार कराया जायेंगा। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, आगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिका के साथ-साथ कोटेदार फाइलेरिया संबंधी फोटो एवं बैनर अपनी दुकान पर लगायेंगे। सभी स्कूल, कालेज व मदरसों में अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेंगा।

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