बस्ती में ग्राम पंचायत के प्रधानों के द्वारा उत्पीड़न को लेकर महिला मेट कार्यकर्ती एकजुट होकर बस्ती विकास भवन पर पहुंच कर जिला विकास अधिकारी (मनरेगा) को सौंपा ज्ञापन कहा मनमाने तरीके से प्रधान लोग करा रहे मनरेगा कार्य
बस्ती (यूपी) 27 सितंबर 2023
जिस देश के प्रधानमंत्री महिला शक्ति वंदन की घोषणा करते है उसी देश में ग्राम पंचायत के प्रधान महिला शक्ति को रसातल में भेजने का कार्य करते हैं महिला मेटो के कार्य को चतुराई से खत्म करने पर लगे हैं बस्ती जनपद के तमाम ग्राम प्रधान
सरकार ने पिछले दो वर्ष से मनरेगा में महिला मेट की तैनाती प्रत्येक ग्राम पंचायत में की है जिसमे प्रावधान है मेट महिला का चयन समूह की पढ़ी-लिखी महिलाओं से चयन किया गया है जिससे महिलाओं को रोजगार मिल सके और मनरेगा में भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके महिला मेट का काम अपने ग्राम पंचायत मनरेगा में काम के वक्त मजदूरों के हाजिरी की डेली दिन में 11 बजे व 2 बजे रिपोर्टिंग करना होता है जिससे मनरेगा कार्य के दौरान मजदूरों की संख्या सही डाटा ब्लाक पर NMMS के जरिए वीडियो को ब्लाक पर भेजा जायेगा , प्रत्येक हाजिरी पर प्रत्येक मेट लगभग 415 रुपए प्रत्येक कार्यदिवस पर महीने में कुल उपस्थिति दिवस के हिसाब से पारिश्रमिक का भुगतान का खाते में देने का प्रावधान दिया गया है महिला मेट को ग्राम प्रधान ,पंचायत सहायक व रोजगार के अधीन न रहने अपितु ब्लाक से डायरेक्ट संपर्क में कार्य करना होता है नियम के अनुसार ग्राम पंचायत में 50000 से अधिक लागत का कोई भी मनरेगा का कार्य करने के लिए 20 से 40 मजदूरों का लगाना होता ,जिनके जियो टैगिंग के लिए महिला मेट उपस्थिति होना आवश्यक होता है किंतु ग्राम प्रधान नियमों को ताख पर रख कर चतुराई से कोई भी कार्य 20 की जगह 19 मजदूरों को लगा कर ,महिला मेटों का काम का खत्म करने पर तुले हैं,और नियमों को ताख़ पर रख कर भ्रष्टाचार कर सरकारी धन का लगा रहे चूना ,
देश के प्रधानमंत्री भले ही महिला शक्ति वंदन की घोषणा कर रहे है किंतु जमीनी स्तर ग्राम प्रधान महिला शक्ति को रसातल में भेजने की कसर नहीं छोड़ रहे हैं
आज भी महिला मेट सहित, स्वयं सहायता समूह द्वारा तमाम सृजित महिलाओं का पद प्रत्येक माह अपने मानदेय का दुखड़ा रोते फिरने को मजबूर होता नजर आता है सरकार की मनसूबों पर पानी फेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे जिम्मेदार



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