भ्रष्टाचारी प्रधानों को लेकर डीएम अन्द्रा वामसी के दिखे कड़े तेवर,समीक्षा बैठक में 4 पंचायत सचिवो को अनुपस्थिती पर डीपी आरओ को वेतन रोकने का भी दिया निर्देश,गमन की शिकायत और पुष्टि पाए जाने पर छिनेगी की प्रधानी
गमन की शिकायत और पुष्टि पाए जाने पर छिनेगी की प्रधानी की कुर्सी जिला प्रशासन गठित समिति को देगा पंचायत की जिम्मेदारी भ्रष्टाचारी प्रधानों साथ-साथ पंचायत सचिवों के ऊपर भी होगी एफआईआर दोनों जाएंगे जेल
डीएम के इस आदेश के बाद बस्ती जिले में भ्रष्टाचारी प्रधानों में मची खलबली।
ग्राम पंचायत में गबन की शिकायत सही पाए जाने पर ग्राम प्रधान समेत अन्य कर्मचारियों पर दर्ज होगा एफआईआर - डीएम
शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत गलत पाए जाने पर शिकायतकर्ता के विरुद्ध भी होगी एफआईआर
इस फैसले को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग जिलाधिकारी की कर रहे हैं सराहना अब होगा ग्राम पंचायत का विकास
महज कुछ दिनों में जिलाधिकारी ने लोगों के दिलों में बना लिया अपना घर हो रही तमाम तरह की चर्चाएं।
अब पंचायत में गबन की शिकायत सही पाए जाने पर ग्राम प्रधान, सचिव एवं अन्य दोषी कर्मचारी से वसूली करने के साथ-साथ उनके विरुद्ध एफआईआर कराई जाएगी। साथ ही ग्राम प्रधान को हटाकर संचालन के लिए समिति का गठन किया जाएगा। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित लम्बित शिकायतों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी अंद्रा वामसी ने कहा कि शिकायत फर्जी पाए जाने पर शिकायतकर्ता के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा ग्राम प्रधान के कार्यों की जांच के लिए एफिडेविट के साथ शिकायत देने का व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी ने सभी जांच अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शिकायतों को गंभीरता से ले तथा जांच में पारदर्शिता बरते। समीक्षा में उन्होंने पाया कि कुल 100 ग्राम पंचायत की शिकायतें प्राप्त हुई थी, जिसमें से 65 शिकायतों की जांच आख्या प्राप्त हो गई है। शेष 35 की जांच आख्या उन्होंने एक सप्ताह में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। बैठक में अनुपस्थित रहने एवं अभिलेख उपलब्ध न कराए जाने पर उन्होंने चार ग्राम विकास अधिकारियों/सचिव का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। उन्होंने डीपीआरओ को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायत एवं जांच आख्या का परीक्षण करके रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत लगभग ढाई सौ करोड़ तथा पंचायत निधि के रूप में लगभग 100 करोड़ रुपए ग्राम पंचायत को भेजे जा रहे हैं, जिसका उपयोग विकास कार्यों के लिए किया जाना है।
इसमें किसी प्रकार की शिकायत, लापरवाही पाए जाने पर दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गबन की शिकायत पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ ग्राम प्रधान को पद से हटाया जाएगा तथा कार्यों के संचालन के लिए समिति गठित की जाएगी। दोषी पाए गए कर्मचारियों से वसूली करने के साथ-साथ उन्हें जेल भेजा जाएगा।
बैठक में मुख्य रूप से अभिलेख प्राप्त न होने के कारण जांच रिपोर्ट देने में विलंब की जानकारी जांच अधिकारियों द्वारा दी गई। जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिया है कि अभिलेख उपलब्ध ना कराने को गंभीरता से लिया जाएगा तथा दोषी कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जांच अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अभिलेख के साथ-साथ मौके पर भी जाकर जांच करें। अभिलेख ना मिलने की जानकारी तत्काल डीपीआरओ को दें। जिलाधिकारी के सख्त रूख को देखते हुए लगभग आधा दर्जन सचिव बैठक में अभिलेख के साथ उपलब्ध हुए थे, जिसे उन्होने जॉच अधिकारियों को उपलब्ध कराया।
बैठक में सीडीओ जयदेव सीएस, उपायुक्त उद्योग हरेंद्र प्रताप, आबकारी अधिकारी राजेश तिवारी, डीएसओ सत्येंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता सरयू नहर खंड 4 राकेश कुमार गौतम, सहायक अभियंता लघु सिंचाई गरिमा द्विवेदी, श्रीप्रकाश पांडे, डॉ. राजमंगल चौधरी, अर्थ एवं संख्या अधिकारी मोहम्मद सादुल्लाह सहित सहायक विकास अधिकारी पंचायत, ग्राम विकास अधिकारीगण उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक में 4 पंचायत सचिवो को अनुपस्थिती पर डीपी आरओ को वेतन रोकने का भी दिया निर्देश
कलेक्टर सभागार में मीटिंग के दौरान ग्राम पंचायतो को लेकर हुआ यह अहम फैसला

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