नशे से दूर रहें युवा ,दिमाग की नसों में एंजियोडिस्टोनिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें दिमाग के ऊपर की नसों में खून और सामान्य रक्त प्रवाह में विकार आ जाते हैं डॉo एoकेo दूबेo मानसिक रोग विशेषज्ञ



     डॉo एoकेo दूबे न्यूरो एवं मानसिक रोग विशेषज्ञ 

दिमाग की नसों में एंजियोडिस्टोनिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें दिमाग के ऊपर की नसों में खून और सामान्य रक्त प्रवाह में विकार आ जाते हैं तो इस लेख में आप इसके कारण, इसके होने के तरीके और लक्षणों के बारे में पढ़ सकते हैं और यह जान सकते हैं कि किस अवस्था में तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी होता है। आप इस खतरनाक बीमारी के जानलेवा दुष्प्रभावों और इसके ऐसे आधुनिक सुधार के बारे में भी पढ़ सकते हैं जो हर किसी की पहुंच में है।

दिमाग की नसों में एंजियोडिस्टोनिया पूरे शरीर के कार्यकलाप पर दुष्प्रभाव डालता है। दिमाग में रक्त का प्रवाह अपर्याप्त होने से पूरे शरीर पर प्रभाव पड़ता है, कमजोरी आने लगती हैं और शरीर की महत्वपूर्ण प्रणालियां निष्क्रिय होने लगती हैं।

डीस्टोनिया वासेलर के प्रारंभिक लक्षण ये होते है:

बिना कारण कान में आवाज आना;

सामान्य रूप से हमेशा कमजोरी महसूस होना;

आलस आना;

उनींदापन;

काम करने की क्षमता में कमी;

नींद में गड़बड़ी;

मेमोरी कमजोर हो जाना;

हाथ-पैर सुन्न हो जाना;

हाथ और पैरों में सूजन;

आँखों मे अंधेरा छा जाने जैसा एहसास;

नज़र कमजोर हो जाना;

शरीर मे हार्मोनल असंतुलन हो जाना;

दिमाग की नसों में एंजियोडिस्टोनिया खून की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल के प्रदूषण का एक प्रारंभिक लक्षण हैं , इसे एथेरोसिलेरोसिस भी कहते हैं। शरीर में रक्त की धमनियाँ बहुत नाजुक और पतली होती हैं इसलिए सबसे पहले इन्हीं पर प्रभाव पड़ता है।



नस ब्लॉक होने के रिस्क फैक्टर

अनुवांशिक

लंबे समय तक डिहाइड्रेशन

शरीर में प्रोटीन की कमी

सिर में किसी तरह की चोट

शरीर का अधिक ज्यादा वजन बढ़ जाना

किसी तरह की सर्जरी

नसों को मजबूत बनाने के लिए क्या करें

दिमाग की नसों में रक्त प्रवाह ठीक करने का सुधार पूरे शरीर की रक्त धमनियों से जमा हो चुके प्रदूषण को साफ करने पर आधारित होता है। यह प्रदूषण कोलेस्ट्रोल की पपड़ी, खून के थक्के और हाई कैलशियम लाइम हो सकते हैं।

नसों को स्वस्थ रखने के लिए फल, सब्जियां, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन से भरपूर आहार लें.

हरी पत्तेदार सब्जियां, अंगूर, एवोकाडो पालक बीन्स जैसे पोटेशियम युक्त फूड का सेवन करें

कद्दू के बीज जैसे मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ खाएं.

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फूड का सेवन करें

नियमित रूप से व्यायाम करना जरूरी

धूम्रपान और शरार का सेवन करने से बचे

किसी भी लक्षण के शुरुआती दौर में ही मरीज का तुरंत  मस्तिष्क के डॉक्टर से इलाज कराए 





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