गणतंत्र दिवस 2024 के पावन अवसर पर डॉo वीo केo वर्मा द्वारा लिखित कविता एवं बधाई सन्देश

             

     गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 

      गणतन्त्र दिवस पर कविता (संदेश)

          है गणतन्त्र दिवस मन भावन।

           मौसम लगता अजब सुहावन।


           चारो तरफ तिरंगा फहरे।

           मन सागर में उठती लहरें।


          दूर हो गया तम का डेरा।

          आया सुख का मृदुल सवेरा।


          देश प्रेम का अलख जगा है।

          आतंकी उन्माद भगा है।


          संविधान का मान बढ़ायें।

          भारत वर्ष महान बनायें।


          देश के लिए जिए मरेंगे।

          हर सपना साकार करेंगे।


           हम अपना दायित्व निभायें।

           भारत मां पर बलि - बलि जायें।


           मन से करें कलुषता दूर।

           रहे मुलायम बने न क्रूर।


           नभ तक फहरे सदा तिरंगा।

           रहे न कोई भूखा नंगा |


          धरती पर न रहे गरीबी।

          हर कोई बन जाय करीबी।


         संविधान का हो सम्मान।

         हर चेहरे पर हो मुस्कान।


         गायें सदा राष्ट्र का मान।

         करें राष्ट्र का नव उत्थान ।


        राष्ट्रीय यह पर्व हमारा।

       हमको है प्राणों से प्यारा।


      "वर्मा" जीवन सफल बनायें।

       भारत में खुशहाली लायें।


   डा० वी० के० वर्मा

सामाजिक कार्यकर्ता/ आयुष चिकित्साधिकारी

जिला चिकित्सालय-बस्ती*

Comments

Popular posts from this blog

रामनवमी के अवसर पर 50 मरीजों का हुआ निशुल्क ऑपरेशन,गरीब मरीजोें के लिये वरदान साबित हो रहा है सत्या मल्टी स्पेशलिटी एण्ड आई हास्पिटल- सत्य प्रकाश सिंह

छावनी थाना क्षेत्र के धिरौली बाबू अमोढ़ा निवासी आर्या सिंह ने उच्च रैंक में नीट की परीक्षा उत्तीर्ण कर बढ़ाया माता पिता सम्मान ,योग्य चिकित्सक बन कर करेंगी देश की सेवा

फतेहपुर में एसएआर ड्यूटी में छुट्टी न मिलने से लेखपाल ने कर ली आत्महत्या 26 नवंबर को होनी थी शादी , विरोध में तहसील बस्ती में लेखपाल संघ ने एसडीएम बस्ती सदर 50 लाख आर्थिक सहायता दिलाने को किया मांग सहित पीसीएस अधिकारी के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराने की मांग