संत कबीर नगर में सपा का फहरेगा परचम,इंडिया गठबंधन से ,जय चौबे" को प्रत्याशी बनाने के लिए जनता जनार्दन ने उठाई मांग
संतकबीरनगर- (यूपी)
देश और प्रदेश की सत्ता पर काबिज एनडीए गठबंधन को चुनौती देने के लिए इंडिया गठबंधन ने भी अपनी रणनीति तैयार करनी शुरू कर दिया है कबीर की निर्वाण स्थली पर प्रतिनिधित्व को लेकर दोनो गठबंधनों में तगड़ी सियासी गुणा गणित महीनों से चल रही थी। अब जब एनडीए ने अपने सिटिंग सांसद प्रवीण निषाद को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया तो जिले के विपक्षी खेमे के समर्थकों में इंडिया गठबंधन के मजबूत दावेदार की खोज तेज हो गई। जनता जनार्दन में एक आंतरिक सर्वे में एक चौंकाने वाला रिपोर्ट सामने आया एन डी ए के कारवां को अगर कोई रोक सकता है तो जय चौबे ये हम नहीं बल्कि ताजा आंतरिक सर्वे रिपोर्ट कह रही है संतकबीरनगर लोकसभा के सभी नगरों कस्बों में सर्वे में बता रही है कि अगर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रथ को कोई रोक सकता है तो संतकबीरनगर ही नही पूर्वांचल में जो अब एक बड़ा नाम माना जाता है वो नाम दिग्गज सपा नेता दिग्विजय नारायण ऊर्फ जय चौबे जो अपनी काबिलियत और जनता में उनके सुख दुख हमेसा सरिक होने वाले बड़ी से बड़ी मुश्किल को बहुत ही सुझबुझ के साथ हल कर गेंद को अपने पाले में लाने में महारत हासिल है इतना ही नहीं सियासी संघर्ष में इंडिया गठबंधन के समर्थकों की नजरें अब धरातल पर सर्व समाज की नजरें खलीलाबाद सदर के पूर्व विधायक *दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे* पर टिकी हुई हैं। 2024 लोकसभा की चुनावी तैयारी में जुटे जमीनी सपाई कार्यकर्ताओं ने पहले से ही जीत का एक फार्मूला तैयार किया था। उक्त फार्मूले के तहत कार्यकर्ताओं का दावा था कि यदि एनडीए की तरफ से कोई ब्राम्हण प्रत्याशी मैदान में उतारा जाय तो इंडिया की तरफ से किसी मजबूत निषाद प्रत्याशी को मौका दिया जाना चाहिए। साथ ही साथ अगर एनडीए की तरफ से मौजूदा सांसद प्रवीण निषाद प्रत्याशी बने तो विपक्षी खेमे से कोई मजबूत स्थानीय ब्राम्हण प्रत्याशी ही विपक्ष का परचम फहरा सकता है। सब कुछ के बाद वर्ष 2009 के बाद से अभी तक बाहरी लोग ही इस जिले का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं। इसका दंश यहां की आवाम झेलती आ रही है। इसका विपरीत प्रभाव भी आवाम के मानस पटल पर कायम है। अब जब एनडीए गठबंधन ने मौजूदा सांसद प्रवीण निषाद को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया तो विपक्षी खेमे के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की नजरें सरकार के खिलाफ अपनी दमदारी और लोकप्रियता का परचम फहराते हुए बलिराम यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष, मुमताज की मां को सेमरियावां का प्रमुख और जगत जायसवाल को खलीलाबाद नगर पालिका का चेयरमैन बनवा कर खुद को साबित करने वाले खलीलाबाद के पूर्व विधायक जय चौबे पर टिक गईं। तमाम जमीनी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का दावा है कि यदि जय चौबे इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी बने तो कबीर की सरजमीं पर सपाई परचम फहरने से कोई रोक नहीं सकता है। सपा के जमीनी कार्यकर्ताओं का दावा है कि यदि इंडिया गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व ने जमीनी सर्वे पर गौर करते हुए जय चौबे को दावेदार बनाया तो इस सीट पर भी सपाई परचम जरूर फहरेगा।

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