विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर बस्ती जनपद के सुप्रसिद्ध चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉo राजन शुक्ला ने लोगों को दिया अस्थमा से बचाव के सुझाव
विश्व अस्थमा दिवस पहली बार 1998 में मनाया गया था और हर साल यह विश्व स्तर पर अस्थमा से संबंधित सबसे अहम कार्यक्रमों में से एक बन गया है।
हर साल विश्व अस्थमा दिवस मई महीने के पहले मंगलवार को मनाया जाता है। इस साल विश्व अस्थमा दिवस सात मई को आज के दिन मनाया जा रहा है । आइए इस अंक में जानते है अस्थमा के बारे में
अस्थमा क्या है और कैसे होता है ?
अस्थमा क्या है और कैसे होता है?डॉक्टर का कहना है कि जब भी आप सांस लेते हैं तो हवा आपके नाक या मुंह के द्वारा गले से या फिर एयरवेज से होते हुए फेफड़ों तक पहुंचती है। आपके फेफड़ों में कई छोटे-छोटे वायुमार्ग होते हैं, जो हवा से ऑक्सीजन को छानकर आपके ब्लड में पहुंचाते हैं। लेकिन जब वायुमार्ग की परत में सूजन आ जाती है और मांसपेशियों में तनाव होता है, तो अस्थमा के संकेत आपको मिलने लगते हैं। फिर वायुमार्ग में बलगम भर जाती है और सांस लेने में कठीनाई होती है, जिसके कारण छाती में जकड़न और खांसी जैसी स्थिति महसूस होती है। इसे अस्थमा या दमा भी कहते हैं।
अस्थमा के प्रकार
अस्थमा के कारण और लक्षणों के आधार पर, इसे दो भागों में बांटा गया है।
• इंटरमिटेंट अस्थमा- इस प्रकार का अस्थमा रुक-रुक कर आता है, यानी आता है और चला जाता है। इस तरह के अस्थमा में आप बीच-बीच में समान्य भी महसूस कर सकते हैं।
• लगातार अस्थमा इस तरह के अस्थमा में आपको ज्यादातर समय लक्षण दिखाई देते हैं। आपको महसूस होने वाले लक्षण हल्के, मध्यम या गंभीर भी हो सकते हैं।
अस्थमा अथवा दमा के लक्षण क्या है?
अस्थमा के समय सबसे ज्यादा महसूस होने वाला लक्षण सांस लेने पर घरघराहट है। जो कर्कस सी या सीटी की तरह आवाज होती है। अस्थमा से जुड़े अन्य लक्षण और संकेत निम्नलिखित है:-
• छाती में जकड़न
• सांस लेने में परेशानी
• थकान
• बलगम वाली खांसी या सूखी वाली खांसी
• एक्सरसाइज के दौरान ज्यादा हालत गंभीर होना
• रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाना
• बार-बार सीने में इंफेक्शन होना यू
• हंसते समय खांसी का बढ़ना
रोगी को किस प्रकार के लक्षण होंगे, यह अस्थमा के प्रकार पर निर्भर करता है।
अस्थमा के कारण क्या है?
अस्थमा किसकी कमी से होता है? अस्थमा के लिए कोई एक कारक जिम्मेदार नहीं होता है। इसके कई कारण निम्नलिखित है:-
• आनुवंशिक
• वायरल संक्रमण का इतिहास
• हाइजीन हाइपोथिसिस
• एलर्जी
• रेस्पिरेटरी इंफेक्शन जैसी स्वास्थ्य स्थितियां
• मौसम परिवर्तन
अस्थमा का इलाज समय पर जरूरी
अलग-अलग प्रकार के दमा के उपचार में श्वास व्यायाम, प्राथमिक उपचार, अस्थमा कंट्रोल करने वाली दवाएं, लंबे समय तक चलने वाले उपचार है। मरीज की उम्र, मेडिकल हिस्ट्री, स्थिति की गंभीरता और प्रकार जानने के बाद ही उचित उपचार का फैसला किया जाता है। श्वसन एक्सरसाइज से फेफड़ों में वायु प्रवाह बढ़ता है, जिससे दामा को ठीक करने में मदद मिलती है। प्राथमिक चिकित्सा उपचार अस्थमा अटैक के दौरान उपयोग की जाने वाली तत्काल राहत प्रदान करने वाली दवाएं हैं।
अस्थमा का इलाज क्या है?
अलग-अलग प्रकार के दमा के उपचार में श्वास व्यायाम, प्राथमिक उपचार, अस्थमा कंट्रोल करने वाली दवाएं, लंबे समय तक चलने वाले उपचार है। मरीज की उम्र, मेडिकल हिस्ट्री, स्थिति की गंभीरता और प्रकार जानने के बाद ही उचित उपचार का फैसला किया जाता है। श्वसन एक्सरसाइज से फेफड़ों में वायु प्रवाह बढ़ता है, जिससे दामा को ठीक करने में मदद मिलती है। प्राथमिक चिकित्सा उपचार अस्थमा अटैक के दौरान उपयोग की जाने वाली तत्काल राहत प्रदान करने वाली दवाएं हैं।
अस्थमा में क्या क्या परहेज करना चाहिए?
अस्थमा के मरीज अगर खाने-पीने की चीजों में परहेज न करें तो इसकी बीमारी और ज्यादा बढ़ जाती है। मरीजों को निम्नलिखित चीजें खाने से परहेज करना चाहिए।
• पैकेटबंद फूड्स
• अल्कोहल और अचार
• मूंगफली
• ठंडी चीज
• ज्यादा तली हुई चीजें
रोग का इलाज शुरुआती दौर में कराना आवश्यक होता है यदि समय रहते इलाज न कराया गया तो मरीज की हालत गंभीर बनती जाती है लक्षण देख चेस्ट स्पेशलिस्ट से इलाज आवश्यक होता है
डॉo राजन शुक्ला MBBS,MD चेस्ट स्पेशलिस्ट
संपर्क करे बागेश्वरी मेडिकल सेंटर,निकट रोडवेज नंदौर रोड बस्ती
मोoनo 8004832000

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