मौसम में हो रहा है बदलाव, आंखों को संक्रमण से बचाएं , समय पर कराए जांच डॉक्टर शरद श्रीवास्तव नेत्र रोग विशेषज्ञ, नियो मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल भानपुर
डॉक्टर शरद श्रीवास्तव नेत्र रोग विशेषज्ञ
प्रबंधक नियो मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल भानपुर बस्ती
मौसम में हो रहा है बदलाव, आंखों को संक्रमण से बचाएं
आजकल मौसम के बदलाव के साथ ही आंखों की सुरक्षा जरूरी है। अक्सर गर्मी का मौसम आते ही आंखों में खुजली, लालपन, कीचड़ आना, आंसू आने जैसी शिकायतें बढ़ जाती है। उसका कारण है कि आंखों तक गंदगी पहुंचने पर संक्रमित हो जाती है और आंखें बीमार हो जाती है।
मौसम के बदलाव के साथ ही आंखों की सुरक्षा जरूरी है। क्याेंकि आंखों में खुजली, लालपन, कीचड़ आना, आंसू आने जैसी शिकायतें बढ़ जाती है। उसका कारण है कि आंखों तक गंदगी पहुंचने पर संक्रमित हो जाती है और आंखें बीमार हो जाती है। जिसका इलाज लेना पड़ता है।
बदलते मौसम में आंखों में खुजली, आंखों से पानी आना, आंखों में दर्द, आंखें लाल होने जैसी समस्याएं आम होती हैं।
इस मौसम में आंखों की बीमारियों में सबसे आम है कंजंक्टिवाइटिस। आंखों के ग्लोब पर (कॉर्निया को छोड़कर) एक महीन झिल्ली चढ़ी होती है। इसे ही कंजंक्टाइवा कहते हैं। कंजंक्टाइवा में किसी भी तरह का संक्रमण होने पर सूजन पैदा हो जाती है। इसे ही कंजंक्टिवाइटिस या आई फ्लू कहते हैं। यह वायरल, एलर्जिक और बैक्टीरियल - तीन तरह का होता है
समय पर आंखों की जांच कराना आवश्यक
आंख में किस भी प्रकार की समस्या होने पर नेत्र परीक्षण समय समय पर करानी चाहिए ताकि आंखों में किसी प्रकार का परेशानी का पता आपको समय रहते चल सके और उस बीमारी का निदान करा सके
साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। दूसरे के तौलिये, गमछे आदि का इस्तेमाल न करे , जिन लोगों को त्वचा का संक्रमण हुआ हो, उनसे हाथ मिलाने या सीधे संपर्क में आने से परहेज करें।
जब भी हाथों से कोई काम करें, उन्हें जरूर धोएं। कांटेक्ट लेंस लगाते हों, तो उसकी रोज सफाई करें। जिन्हें कंजंक्टिवाइटिस हो, उनसे हाथ मिलाने से बचें, क्योंकि हाथ मिलाने संक्रमण फैल सकता है।
बिना चश्मे के तेज ड्राइविंग न करें। धूप में सनग्लासेस लगा कर ही चले ,हो सके तो हर दो घंटे में आंखों को ताजे पानी से धोएं। आंखों को पोंछने के लिए टिशू पेपर या सॉफ्ट तौलिए का इस्तेमाल करें। धूप का चश्मा पहनकर बाहर निकलें।
आंख में कीचड़ आने पर मसले या रगड़े नहीं
यदि सुबह जागने पर कीचड़ से आंख चिपकी रहती है, तो यह बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस का लक्षण हो सकता है। डॉक्टर को दिखाएं। आंखें लाल हों, पानी लगातार निकले, तो यह वायरल और एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस हो सकता है।आंखों को भूलकर भी रगड़ें या मसलें नहीं, क्योंकि इससे रेटिना में घाव हो सकता है। आंखों में किसी भी प्रकार का परेशानी होने पर जल्द नेत्र रोग के डॉक्टर से मिल कर इलाज कराए
डॉक्टर शरद श्रीवास्तव
(नेत्र रोग विशेषज्ञ )
नियो मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
भानपुर बस्ती ,मो.न. 8172866349






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